मेरा आँगन

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Monday, January 26, 2026

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गणतंत्र दिवस

(न्यू स्टेवार्ट स्कूल, कटक, ओड़िशा)


1

गणतंत्र दिवस जैसा शुभ दिन है आया

ढेर सारी पुरानी यादें लाया

लोगों ने खुद शासन चलाया,

वोट देकर अपना कर्तव्य निभाया।

 

डॉ. बी. आर अम्बेडकर 

है संविधान के रचयिता 

थमा दिया जिन्होंने हथेली पर 

संविधान की महागाथा।

 

आओ हम सब मिलकर

 सोने सा भारत बनाएँ

भारत माता की आज गरिमा बढ़ाएँ।

आओ अपने अंदर प्यार को जगाएँ




सब होकर एक बुराई के आगे

डटकर खड़े हो जाएँ।

 

इस देश की धरती में सच्चाई का 

बीज बोएँ 

हमारी प्यारी भारत माता की आन


मान और शान बढ़ाएँ । 

अलग है धर्म पर एक ही माँ 

अपना भारत देश महान ।


-अद्विका राउत,कक्षा - तृतीय 

-0-

2


है तिरंगा प्यारा
 

है सबसे न्यारा 

यह देश हमारा 

जग में प्यारा 

छब्बीस जनवरी का दिन है आया 

खुशियों को साथ ले आया 

इसी दिन लागू हुआ संविधान 

जिसका पालन करना है हमारा सम्मान 

यह देश हमारा 

जग में प्यारा 

आओ लगाएँ, जयहिंद का नारा।

-0-ईमानुएल बेहेरा, कक्षा - तृतीय 

3


आज़ादी का रंग
 

है गणतंत्र दिवस

राष्ट्रीय पर्व हमारा 

आओ मिलकर मनाएँ 

आजादी का रंग नया  

 

फिर से आँखों पर छाया 

वीरों का बलिदान 

शहीदों का कफ़न है तिरंगा 

हर भारतीय की जान तिरंगा।

आओ मिलकर मनाएँ 

आज़ादी का रंग नया ।

-0- हमसिका कुमारी,कक्षा - तृतीय

4

26 जनवरी आया 


गणतंत्र दिवस है आया
 

चारों ओर खुशियाँ फैली


छोड़कर अंग्रेजों की गुलामी
  

 आया अपना नया संविधान 

हर पल इस दिवस का करो सम्मान  

भारतवासी जहाँ भी रहते 

कर सर ऊँचा अपना तिरंगा लहराते।

-0-आराध्या राज, कक्षा - तृतीय

5

गणतंत्र दिवस है आया 


खुशियों का झंडा लहराया
 

आओ मिलकर दें उन्हें सम्मान 

जिन्होंने बचाए हमारे प्राण

 

महात्मा गाँधी, सुभाष बोस 

न था इनका कोई दोष 

पर था इनको देश से प्यार 

इसीलिए गई उनकी जान।

 

हम सब हैं अभी साथ 

पकड़कर एक दूसरे का हाथ 

क्योंकि था यह उनका बलिदान 

जो हमें मिला है जीवन दान।

-0-अमृता राज, कक्षा - पाँच 

6

स्वर्णिम हिंदी 

 

हिंदी भाषा है 


सभी भाषाओं में महान
 

जिसका सब करते आदर 

स्वर्ण के समान 

 

इस भाषा में मुझे है होता 

ममता का एहसास 

जिसके एक एक अक्षर में 

भरी है मिठास 

 

जिस भाषा को सुनने से 

होता है मुझे अपनेपन का आभास 

वह हिंदी भाषा लगती है 

मुझे सबसे खास 

 

हिंदी पढ़ने से मन को 

मिलता है संतोष 

यह भर देती है 

आत्मा में जोश 

 

हिंदी होती है 

बहुत ही आसान 

जो ले आती है 

चेहरे पर मुस्कान 

 

हिंदी है हमारी 

पहचान और राष्ट्रभाषा 

जिसके लिए हम 

गर्व करते रहे हमेशा।

-0-साई अमृत महापात्र, कक्षा - पाँच 

7

गणतंत्र दिवस 

 

हुआ भारत में अंग्रेजों का आगमन

जब था उनका बस व्यापार में मन

क्योंकि कमाना था उन्हें अधिक धन

लेकिन धीरे धीरे वह करने लगे भारत पर शासन ।

 

उन्होंने किया भारत पर अत्याचार

और बनाए बहुत ही अन्यायपूर्ण कानून

लेकिन जब भारतवासियों ने किया उनसे युद्ध

बह गया हज़ार हज़ार भारतीयों का खून ।

 

इस युद्ध के बाद सभी भारतीयों के 

मन में आया एक विचार

कि अगर हो एकजुट करें अंग्रेजों पर वार

न मानकर अपनी हार

तो कभी न कभी खुल जाएगा 

उनकी स्वाधीनता का द्वार ।

 

ए.ओ. ह्यूम ने किया कांग्रेस का निर्माण

जिसका उद्देश्य था भारत में 

करना एकता का प्रचार

और अंग्रेज़ सरकार को 

दिलाना उनके प्रति ध्यान

ताकि आ सके भारतीयों के 

जीवन में कोई सुधार ।

 

15 अगस्त को हुआ भारत एक स्वाधीन देश

जिस दिन को माना जाता है सबसे विशेष

दूर हो गए सभी भारतीयों के क्लेश 

और चले गए भारत से अंग्रेज़ विदेश ।

 

अब भारत में होने वाला था 

भारतीयों का न्यायपूर्ण शासन

जो बनाना चाहते थे भारत में अच्छे नियम

जो थे बुरे लोगों के लिए खराब

पर बना दे अच्छे लोगों का जीना उत्तम ।

 

26 जनवरी को हुआ 

भारत एक प्रजातंत्र देश

लागू हुआ अंबेडकर का लिखा संविधान

इस दिन को मनाते हम गणतंत्र दिवस 

जो है भारत के इतिहास में सबसे महान । 

 साई अमृत महापात्र, कक्षा -पाँच 

-0-


8 comments:

Anonymous said...

बहुत सुंदर प्रयास ! बच्चों को हार्दिक बधाई-रीता प्रसाद,नई दिल्ली

Sonneteer Anima Das said...

असीम धन्यवाद आदरणीया 🙏🏻🌹

Anonymous said...

सभी बच्चों का प्रयास सराहनीय है। भावी कवियों को शुभाशीष। सुदर्शन रत्नाकर

Sonneteer Anima Das said...

असीम धन्यवाद मैम 🙏🌹

Anonymous said...

सुंदर रचनाएं। सभी नन्हे रचनाकारों को स्नेहाशीष ,शुभकामनाएं
-डॉ छवि निगम

Sonneteer Anima Das said...

असीम धन्यवाद मैम 🙏🏻🌹

मेरी अभिव्यक्तियाँ said...

नन्हे रचनाकारों की वैचारिक सघनता सराहनीय है। आदरणीया अनिमा जी का मार्गदर्शन भावी कविगणों के निर्माण में अग्रसर है। मेरी हार्दिक शुभकामनाएंँ 🙏

Sonneteer Anima Das said...

असीम धन्यवाद आदरणीया लिली जी 🙏🌹