मेरा आँगन

मेरा आँगन

Saturday, August 15, 2015

नन्हे शांतनु



कमला निखुर्पा
1

नन्हा सिपाही

चलने को तैयार

 पहन वर्दी ।

2

मासूम छवि

मुखड़े में चंद्रमा

नैनों में रवि ।

-0-
नन्हे फ़रिश्ते को सलाम

जय हिन्द !

5 comments:

ज्योति-कलश said...

आगे ही आगे
बढ़ते रहें सदा
नन्हे कदम !

सुन्दर ,प्यारी तस्वीर ...बहुत दुआएँ !
खूब सुन्दर हाइकु ..हार्दिक बधाई कमला जी !

जय हिन्द !शुभ स्वाधीनता दिवस !

Pushpa Mehra said...

nannhe shantanu par likhe dono haiku bahut sunder hain.tasveer dekhkar
mere man mein bhi teen panktiyan aayee hain :
mukh pe tej
aankhon mein sapane hain
nij dharm ke.
kamla ji apako badhai.
pushpa mehra.

Dr.Bhawna said...


बढ़े कदम
रूकेगें नहीं अब
किया है प्रण।

Bahut pyare nanhe sipahi bahut sari duayen tumhare liye...

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

नन्हे, प्यारे से हाइकु को ढेरों स्नेहाशीष !
बहुत प्यारा चित्र एवं कमला जी के हाइकु भी बहुत सुंदर!
हार्दिक बधाई!

~सादर
अनिता ललित

प्रियंका गुप्ता said...

इस नन्हे-मुन्ने हाइकु के लिए ये प्यारे-प्यारे हाइकु...आभार और बधाई...|