मेरा आँगन

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Saturday, April 10, 2021

166-तितली रानी

 

तितली रानी

                                          प्रियंका गुप्ता

               


 
तितली रानी
, तितली रानी

 पास हमारे आ‌ओ न ,

पंख फैलाकर उड़ती कैसे

हमको भी सिखला‌ओ न ,

                 नीले, पीले, लाल , हरे क‌ई

                 रंगों में भरमा‌ओ  ,

                 जीवन का हर रंग समाया

                


तुमने अपने तन-मन में

  सतरंगों की बौछारों में

  हमको भी नहला‌ओ न ,

  मस्ती से तुम रहती कैसे

 यह गुण हमें सिखा‌ओ न ,

 तितली रानी, तितली रानी

                 पास हमारे आ‌ओ न ।

 

एम.आ‌ई.जी -292, कैलाश विहारआवास विकास योजना सं- एक,

                                 कल्याणपुर, कानपुर-208017 (उ.प्र)

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10 comments:

प्रियंका गुप्ता said...

मेरी कविता को यहाँ स्थान मिला, इसके लिए आदरणीय काम्बोज जी का दिल से आभार

Anita Manda said...

बहुत प्यारी लगी, तितली रानी और कविता

प्रीति अग्रवाल said...

वाह! कितनी प्यारी बाल कविता प्रियंका जी, मैंने तुरन्त अपनी भतीजी को भी भेज दी!!....

Shiam said...

प्रियंका जी
बच्चों पर बहुत कम लोग कलम चलाते हैं ,
शायद वे अपना बचपन भूल जाते हैं |
आपकी तितली की कविता बहुत ही सुंदर है,
हमें एक बाल साहित्यकार मिल गयी | आप बधाई की पात्र हैं |श्याम हिंदी चेतना

नीलाम्बरा.com said...

बहुत सुन्दर, हार्दिक बधाई।

Vibha Rashmi said...

प्यारी बाल कविता । बधाई ।

Sudershan Ratnakar said...

बहुत सुंदर बाल कविता। बधाई प्रियंका जी।

Krishna said...

बहुत प्यारी बाल कविता...बहुत बधाई प्रियंका जी।


Jyotsana pradeep said...


बहुत ही प्यारी बाल कविता प्रियंका जी, हार्दिक बधाई आपकोभी।

डॉ. जेन्नी शबनम said...

बहुत प्यारी बाल कविता. बधाई प्रियंका जी.