मेरा आँगन

मेरा आँगन

Monday, September 7, 2026

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1-माँ की ममता/ अद्विका राउत-कक्षा – चार

 


माँ की ममता जैसी मीठी,

न है कुछ भी  दुनिया में ऐसी।

रबड़ी, कुल्फी, आइसक्रीम,

चाहे जलेबी ही क्यों न हो वैसी।

माँ जितना भी है डाँटती,

उतना ही फिर स्नेह करती!

सारी दुनिया से लड़ जाती,

पर अपने बच्चे को बचाती!

बच्चे को बुखार हो जब-जब

रात-रात भर जागती रहती।

माँ तो भगवान है का रूप ,

माँ तो सबकी जननी है होती।

बचपन से लेकर,वृद्ध होने तक 

वही हमारा,सदा ध्यान है रखती।

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2-मेरे प्यारे पापा /हमसिका कुमारी-कक्षा  चार

 


​​पापा वह छाँव है, जो धूप मे साया है देते

बिना बोले ही हर दर्द को अपना  लेते।

न कभी माँगा कुछ, न कभी जताया,

चुपचाप हर ख्वाब हमारा सजाया।

डाँट मे उनकी छुपी होती है ममता,

उनकी सलाह में होती दुनिया की शिक्षा !

पापा है एक अहसास हिम्मत का है नाम

पापा मैं आपका सदा करती हूँ सम्मान ।

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