Thursday, November 15, 2012
Wednesday, November 14, 2012
माँ कहती है-
डॉ• ज्योत्स्ना शर्मा
सब मुझको "मीठी" कहते हैं
,
माँ कहती है कम बतियाओ ।
मेरी फ्राक बड़ी है सुन्दर
माँ कहती है कम बतियाओ ।
मेरी फ्राक बड़ी है सुन्दर
माँ कहती है मत इतराओ ।
पापा कहते परी हूँ उनकी ,
माँ कहती है मुँह धो आओ ।
बच्चे कहते आओ खेलें ,
माँ कहती है -पढने जाओ ।
प्यारी सखी से हुई लड़ाई
माँ कहती है- भूल भी
जाओ ।
मेरी गुड़िया सोई न अब तक ,
माँ कहती है- अब सो जाओ ।
आँख में आँसू देखे- बोले
,
गले लगा लूँ पास तो आओ ।
गले लगा लूँ पास तो आओ ।
-0-
Sunday, September 23, 2012
भैया बहुत सताए मुझको
डॉ• ज्योत्स्ना शर्मा
भैया बहुत सताए मुझको
चोटी खींच रुलाए मुझको ।
गुड़िया मेरी छीने भागे
पीछे खूब भगाए मुझको ।
मेरी पुस्तक ,रंग उसके हैं
खेलें कैसे, ढंग उसके हैं
क्या खाना है, क्या पहनाऊँ
नए- नए हुड़दंग उसके हैं ।
फिर भी तुमको क्या बतलाऊँ
प्यार उसी पर आए मुझको ।
मेरा प्यारा न्यारा भैया ,
कभी दूर ना भाए मुझको ।
-0-
Monday, June 18, 2012
Wednesday, April 11, 2012
अन्तर समझिएगा
किसी भी शब्द में दो स्वर एक साथ नहीं जुड़ते । हिन्दी के प्रकाशक भी इन गलतियों के लिए जिम्मेदार हैं ।
वर्ण विन्यास समझ लें तो दिक्कत नहीं होगी ।
1-प्+र्+अ=प्र
2-द्+ध्+अ= द्ध
3-श् + र्+अ= श्र
4-श्+ॠ = शृ
5-श् +र्+अ+ॠ = श्रृ= हिन्दी में इसका अस्तित्व केवल गलत प्रयोगों में है ।कारण,दो स्वर एक साथ नहीं आ सकते।
6-ध्द=X कुछ लोग युध्द इस तरह लिखते हैं , जो गलत है ।
सही रूप है -युद्ध
8-कोई महाप्राण इस रूप में अल्पप्राण से पहले नहीं आता ।
र् का प्रयोग -क+र्+म= कर्म अगले वर्ण पर होता है । कुछ लोग आशीर्वाद को भूलवश आर्शीवाद लिखते हैं ।
श के पहले भाग को अलग घुण्डी की तरह भी बनाया जाता है जो पुराने समय से आज तक शब्दकोशों में शामिल है ।
इसे शब्द चित्र में समझाया गया है ।
Tuesday, April 3, 2012
BABY RAIN
BABY RAIN
I saw
A rainbow
This morning
Hiding behind
A leafless tree.
Calling me
To climb upon...
Fly in to the sky,
to play
with the the birds
to dance
in the baby rain
just coming out
from the Mama cloud.
by :Ela Kkulkarni
GRADE-3
Mrs. Carstensan
Fairlands Elementary
इला कुलकर्णी, उम्र - ८ वर्ष, कक्षा - ३ की छात्रा, निवास प्लेसंटन - कैलिफोर्निया
अन्य अभिरुचियाँ... चित्रकारी, तैराकी एवं विभिन्न विषयों पर पुस्तकों Saturday, March 17, 2012
Saturday, March 3, 2012
Friday, March 2, 2012
भर ओक बाँटे वह खुशियाँ
डॉ हरदीप कौर सन्धु
कितनी भोली और मासूम सी
फूलों जैसे खिला है चेहरा
खिल-खिल वह हँसती है
कद से वह लम्बी दिखती
अभी भोली बातें करती है
भर ओक बाँटे वह खुशियाँ
दुःख कभी न आएँ अंगना
हर पल एक नई सौगात बन जाए
जिन्दगी सतरंगी कायनात बन जाए
रहे भरता सदा रब
उसकी तमन्नाओं की पिटारी को
चल काला टीका लगा दूँ
कहीं नजर न लग जाए
मेरी परियों जैसी धी -रानी को
-0-
Wednesday, February 15, 2012
मेरी मुनिया
खिलखिलाई
पहाड़ी नदी-जैसी
मेरी मुनिया ।
इन हाइकु को देने का लोभ संवरण नहीं कर पा रहा हूँ-
सुदर्शन रत्नाकर
1
तुम्हारी हँसी
सितार बजा गई
सूने घर में ।
2
धूप -सी हँसी
आँगन में उतरी
सहला गई ।
सितार बजा गई
सूने घर में ।
2
धूप -सी हँसी
आँगन में उतरी
सहला गई ।
Friday, January 27, 2012
Thursday, December 15, 2011
Thursday, November 10, 2011
आगत का स्वागत
welcome to the world !
1-भावना कुँअर-
नन्हीं सोनपरी ने
जब धरती पर आकर
आँखे खोली
सभी परिवार जनों के चेहरों पर
खुशियों की लहर दौड़ी
दद्दू ने तो नन्हीं परी के लिए
फटाफट प्यारी सी रचना भी रच डाली,
जिसमें उमड़ा है दद्दू का अथाह स्नेह,
दादी की ममता,माँ का वात्स्ल्य
और पिता का दुलार।
नन्हीं सी परी के लिए
नन्हीं सी परी के लिए
हमारी ओर से
ढेरों ढेरों रों रों रों शुभकामनाओं के साथ
इस धरती पर स्वागत है
काम्बोज जी के समस्त परिवार को भावना की ओर से हार्दिक अनगिनत बधाइयाँ!!.
काम्बोज जी के समस्त परिवार को भावना की ओर से हार्दिक अनगिनत बधाइयाँ!!.
-0-
2-सोनपरी
-कमला निखुर्पा
हाथों में लिये
जादू की नन्ही छड़ी
सितारों जड़ी
लो आई सोन परी
.छूना ना कोई
उजरी निखरी है।
हो ना वो मैली.
है निर्मल कोमल
ये सोनपरी
सपने अपने- से
.मुट्ठी में भरे ,
अधखुली अँखियाँ,
मुसकाई है
जाने क्यों निंदिया में
दुलारी ये सोनपरी.
-0-
सोनपरी के जन्म पर ढेरों शुभकामनाएँ !
दादा -दादी की दुलारी
माता -पिता की प्यारी
दादा -दादी की दुलारी
माता -पिता की प्यारी
नन्ही सोनपरी को बहुत सा प्यार!
कितना सुन्दर तोहफा मिला है हमारी सोनपरी को
कितना सुन्दर तोहफा मिला है हमारी सोनपरी को
दादा के दिल में पगता मोह शब्द बनकार इस रचना में उतरा है !
इसी भाव -परम्परा में मेरे हाइकु-
1
दादा-दादी की
है अब ये दुनिया
प्यारी गुड़िया
2
जन्मी बिटिया
खुशबू ही खुशबू
आँगन खिला
3
कौन है आया
है किसका उजाला
जन्मी बिटिया
4
गोद में नन्हीं
माँ के आँचल में ज्यों
खिली चाँदनी
5
नन्ही -सी परी
है पिता की दुलारी
जग से प्यारी
6
नन्ही को पिता
जब गोद उठाए
दुनिया भूले
7
बिटिया जन्मी
हृदय -धड़कन
ज्यों माँ की बनी
-डॉ हरदीप सन्धु
-0-
4-रचना श्रीवास्तव
दादा जी बन
हिमांशु जी प्रसन्न
दादी भी खुश
पाई जो नन्ही परी
छोटे से हाथ
गुलाबी पंखुड़ियाँ
मन को मोहे
अधरों में कियाँ की
मीठी आवाज
माँ की नर्म गोद में
परी मुस्काई
नई दुनिया भाई
माँ -पिता संग
बाबा दादी को देख
मन हर्षाया
प्रभु को यहीं पाया
धन्य हुई मै
आपकी गोद पा के
स्नेह- जल से
खुद को भिगोकर
हिमांशु जी प्रसन्न
दादी भी खुश
पाई जो नन्ही परी
छोटे से हाथ
गुलाबी पंखुड़ियाँ
मन को मोहे
अधरों में कियाँ की
मीठी आवाज
माँ की नर्म गोद में
परी मुस्काई
नई दुनिया भाई
माँ -पिता संग
बाबा दादी को देख
मन हर्षाया
प्रभु को यहीं पाया
धन्य हुई मै
आपकी गोद पा के
स्नेह- जल से
खुद को भिगोकर
गुलाबी रंग कमरे को सजाना
गुलाबी ड्रेस
मुझको पहनाना
थोड़ी बड़ी हो
सबको दौड़ाऊँगी
दादा को घोडा,
पापा को बना हाथी
करूँ सवारी।
सपनो से भरी है-
बंद है मुट्ठी
मेरे, कुछ आपके।
भर दूँगी मै
घर में घडकन
नन्हे पैरों से!
जन्म देने के लिए
शत शत नमन !!
-0-
5-ॠता शेखर ‘मधु’
कितनी प्यारी
आई राजदुलारी
दादी चहके
दादा बोले ह़ँसके
ये मेरी 'सोनपरी'।
नव जीवन
का,करके सृजन
माँ है हर्षित
पाए नन्हीं गुड़िया
पिता का आलिंगन।
जग ने जाना
सोनपरी का आना
झूमी धरती
खिला है उपवन
बसी सबके मन।
तुम !
आई राजदुलारी
दादी चहके
दादा बोले ह़ँसके
ये मेरी 'सोनपरी'।
नव जीवन
का,करके सृजन
माँ है हर्षित
पाए नन्हीं गुड़िया
पिता का आलिंगन।
जग ने जाना
सोनपरी का आना
झूमी धरती
खिला है उपवन
बसी सबके मन।
-0-
6-प्रियंका गुप्ता
बाँहों में आके
नन्हीं परी मुस्काई
खुशियाँ लाई ।
नन्हीं परी मुस्काई
खुशियाँ लाई ।
-0-
7-सीजा
दादा दादी की पोती आई
मम्मी पापा की बिटिया आई
दो भाइयों की बहन है आई
घर की सारी खुशियाँ लाई
आते ही घर में धूम मचाई
मम्मी जी पापा जी, मेरी और से गुडिया को बहुत बहुत प्यार देना
मिहिर मयंक की और से भी प्यार देना
अंजना को मम्मी बनने पर बधाई-आपकी बेटी सीजा
मम्मी पापा की बिटिया आई
दो भाइयों की बहन है आई
घर की सारी खुशियाँ लाई
आते ही घर में धूम मचाई
मम्मी जी पापा जी, मेरी और से गुडिया को बहुत बहुत प्यार देना
मिहिर मयंक की और से भी प्यार देना
अंजना को मम्मी बनने पर बधाई-आपकी बेटी सीजा
-0-
8-देवी नागरानी
रामेश्वर भाई आपको बधाई!
खुशियाँ लाई
लक्ष्मी घर में आई
तुम्हें बधाई
*
लाड़ो का आना
दादा औ दादीजी ने
पावन माना
*
आप भी खाओ
मोतीचूर के लड्डू
हमें खिलाओ
बहुत शुभकामनाओं के साथ
-0-
लक्ष्मी घर में आई
तुम्हें बधाई
*
लाड़ो का आना
दादा औ दादीजी ने
पावन माना
*
आप भी खाओ
मोतीचूर के लड्डू
हमें खिलाओ
बहुत शुभकामनाओं के साथ
-0-
9-मंजु मिश्रा , कैलिफ़ोर्निया
बेटियां तो भोर का सूरज होती हैं, उनके आने से जीवन में ख़ुशी की धूप भर जाती है. बिटिया को जीवन में सदैव सर्वश्रेष्ठ ही मिले ऐसी कामना है!
सुबह आई
तुम
एक नन्हा सा फ़रिश्ता
तुम
एक नन्हा सा फ़रिश्ता
तम्हे गोद में ले कर,
माँ-पापा , दादा-दादी
सब के अरमान
हुए पूरे !
तुम
वक़्त के हाथों मिला हुआ
माँ-पापा , दादा-दादी
सब के अरमान
हुए पूरे !
तुम
वक़्त के हाथों मिला हुआ
एक ख़ूबसूरत तोहफा,
तुम्हारे आने से
तुम्हारे आने से
ज़िंदगी सज गयी
हार्दिक स्नेह सहित
मंजु मिश्रा , कैलिफ़ोर्निया
-0-
10-रवि रंजन
दादा की गोद
पौत्री की किलकारी
स्वर्णिम पल
हाइकु चोका ताँका
आशीर्वादों का ताँता|
बधाई और शुभकामनाएँ|
-0-
11-डॉ सुधा गुप्ता
1
दिल्ली है सूनी
भैया ‘हिमांशु’ बिना
धीरज धरा
शुभागता-स्वागत
हर्ष-कमल खिला ।
2
सुख छलका
मन में न समाया
इतना पाया
आई है सोनपरी ।
3
जगी है आशा
पूरे परिवार में
खिली जो कली
सुख की वर्षा हुई
वर्षों की साध फली ।
4
आँखों की ज्योति
मन -सीपी का मोती
हीरक-कनी
शब्द अधूरे पड़े
शोभा है ऐसी घनी ।
-0-
1
नन्हीं गुड़िया
चिड़िया -सी चहके
खिले फूल -सी
खुशबू-सी महके
आपके आँगन में ।
2
संग लाई है
वो क़िस्मत भी ऐसी
परियों -जैसी
ज़न्नत से वो माँग
देखे सारा जहान
-0-
14/11/2011
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