मेरा आँगन

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Sunday, April 19, 2026

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1-सौंदर्य/ अद्विका राउत कक्षा -चार

 


प्रकृति की सुंदरता है कितनी अनमोल,

सुंदरता है जैसे मीठे गीतों के बोल।

 

बारिश की चमकती बूँदों से—

अपनी दशा वह दर्शाती है,

पेड़-पौधों की छाँव देकर 

अपना कर्तव्य निभाती है।

 

दूब- सी कोमल तन

रुई सा कोमल मन,

पशु-पक्षियों को आश्रय देती,

अपनी मुलायम सेज पर सुलाती।

 

माँ- सा प्रेम जताती

पूरे विश्व को दिल में समाती,

कण-कण में वह बसती है

देकर हमें साँस, उपकार है करती।

 

पृथ्वी है हृदय,

पेड़-पौधे इसके ताज़,

प्रकृति ही बादल, है वृष्टि

है यह अनमोल साज़ ।

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2-प्रकृति/ अमृता राज कक्षा - छ

 


इतनी सुंदर मनमोहक जो,

प्रकृति हमारी है।

इसका संरक्षण करना भी,

हमारी जिम्मेदारी है।

इसके गर्भ में सागर बहता,

हिमालय है इसका तन।

अम्लजन यह देती हमको,

बचाने हमारा जीवन।

हमें इसे अपनाना है,

मिलकर इसे बचाना है।

अंत होती इस प्रकृति को,

उसका जीवन लौटाना है।

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3-पेड़/ आराध्या राज कक्षा - चार

 


छोटा पौधा ही पेड़ बन जाता,

सबसे अपना नाता है कहलाता।

देता फल-फूल हमें भरपूर,

चारों ओर हरियाली है फैलाता।

खाने को अनाज है देता,

बदले में कुछ भी न लेता।

जीवन अगर बचाना है,

सबको एक-एक पेड़ लगाना है।

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4-हमारी प्यारी बगिया / ईमानुएल बेहेरा, कक्षा - चार

 


प्यारी-प्यारी प्रकृति हमारी,

लगती है सबसे न्यारी।

इसकी गोद में भरा है प्यार,

जंगल और नदियों का संसार।

पहाड़ों की ऊँची ऊँचाई,

सागर की गहरी गहराई।

खेतों की सुंदर हरियाली,

आसमान की छतरी नीली।

रिमझिम-रिमझिम बरसे पानी,

है हमारी धरती सुहानी।

आओ मिलकर पेड़ लगाएँ,

इस बगिया को स्वर्ग बनाएँ।

सदा खिलती रहे प्रकृति हमारी,

यह है सुंदर, सबसे न्यारी।

-0-  

5-अनमोल देन/ हमसिका कुमारी, कक्षा - चार

 


सूरज की चमक से होती दिन की शुरुआत,

चाँदनी की चमक से... सुंदर लगती रात।

फूलों की खुशबू,पवन की सुवास ,

बारिश की बूँदें,बुझाए धरती की प्यास 

 

झरनों की धारा, पर्वत की ऊँचाई,

झील की शांति, पानी की गहराई।

 

पक्षियों के गीतों से झूमे जग सारा,

प्रकृति का आँचल है सबसे प्यारा।

 

जीवन का आधार, ईश्वर का उपहार,

प्रकृति की देन से महके संसार।

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 सामग्री -सौजन्यः अनिमा दास

 

10 comments:

Anonymous said...

अरे वाह! सभी नन्हे कवि एक से बढ़ कर एक हैं । इन की रचनात्मकता को हम पाठकों तक पहुँचाने के लिए "पतंग की उड़ान" ब्लॅाग का आभार। सभी बच्चों को आशीष एवं शुभकामनाएँ

मंजु मिश्रा
https://manukavya.wordpress.com

Dr.Kanak Lata said...

अरे वाह!
इन नन्हे कवियों ने तो समा बांध दिया.. 👏🏻👏🏻🙌🏻
बहुत सुन्दर सृजन.. 👏🏻👏🏻🙌🏻

Anonymous said...

इन नन्हे बच्चों की कलम से सुंदर- सुंदर कविताएँ पढ़कर बहुत-बहुत अच्छा लग। बच्चे प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग है। सभी को शुभाशीष। सुदर्शन रत्नाकर

Sonneteer Anima Das said...

हार्दिक धन्यवाद 🙏 प्रणम्य सर 🙏 मेरे बच्चों की कविताओं को प्रकाशित करने हेतु मैं अत्यंत कृतज्ञ हूँ 🙏 🙏🙇‍♀️

Sonneteer Anima Das said...

अशेष धन्यवाद आदरणीया Mam🙏

Sonneteer Anima Das said...

अशेष धन्यवाद आदरणीया Mam 🙏

Sonneteer Anima Das said...

अशेष धन्यवाद आदरणीया Mam 🙏🌹

Anonymous said...

वाह! लाजवाब! इन प्यारे-प्यारे बच्चों की कलम से इतनी प्यारी कविताओं ने मन को मोह लिया! ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएँ सभी को!

~सस्नेह
अनिता ललित

anjun20 said...

गहरी, परिपक्व भाषा। मन असीम आनन्द से भर गया

डॉ. जेन्नी शबनम said...

बहुत प्यारी-प्यारी रचनाएँ। नन्हे कवियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ।