पतंग
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Monday, June 1, 2015
दो कविताएँ
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1-जल सपना मांगलिक जल जीवन है,जल ही धन है जल बिन धरती उजड़ा वन है जहाँ देखो व हाँ जल की माया बिन जल असंभव अन्न ,पेड़, छाया ...
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Saturday, May 30, 2015
तीन कविताएँ
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डॉ.रामनिवास ' मानव ' की तीन कविताएँ 1- होगा विकास तभी बच्चो , पढ़ना बहुत ज़रूरी। पर उतना ही खेल ज़रूरी। ताल ...
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Monday, November 12, 2007
5-कविताएँ
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रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' 1-मेरी नानी मेरी नानी अच्छी नानी बातें मैंने सारी मानी । रात हो गई मुझे सुनाओ परियों वाली एक कहानी। वही क...
Friday, November 9, 2007
दिया जलता रहे
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रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ यह ज़िन्दगी का कारवाँ ,इस तरह चलता रहे । हर देहरी पर अँधेरों में दिया जलता रहे ॥ आदमी है आदमी तब ,जब अँधेरों से लड़...
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