पतंग

Sunday, December 20, 2009

पानी

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रामेश्वर काम्बोज ‘ हिमांशु ’ मैं पानी हूँ मैं जीवन हूँ मुझसे सबका नाता । मैं गंगा हूँ , मैं यमुना हूँ तीरथ भी बन जाता । मैं ह...
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Wednesday, October 28, 2009

विजया दशमी मंगलमय हो !

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विजया दशमी मंगलमय हो ! विजया दशमी मंगलमय हो ! जीवन सबका सदा अभय हो ! दूर      अभावों    की   बस्ती से, हो प्यार ,तन-मन निरामय हो ! ...
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Monday, September 14, 2009

‘कारगिल युद्ध’ एक मंजिल

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‘ वैशाली काम्बोज कक्षा 9 ब आँखों में ख्वाब लिये हम सब चल दिये। रस्ता था ऐसा कभी देखा नहीं, कठिनाई भी इतनी कभी सही नहीं, आँखों...
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Monday, September 7, 2009

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बच्चों के मन में सेंध लगानी होगी 31 अगस्त ,2009,प्रगति मैदान का प्रगति ऑडिटोरियम, अवसर दिल्ली पुस्तक मेला । नेशनल बुक ट्रस्ट इण्डिया ने विचा...
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Friday, August 21, 2009

शिक्षकों के लिए ई-मंच - टीचर्स आफ इंडिया

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शिक्षकों के लिए ई-मंच - टीचर्स आफ इंडिया  यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शिक्षक हमारी शिक्षा व्‍यवस्‍था के हृदय हैं। शिक्षा को अगर बेहतर बन...
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Saturday, August 15, 2009

जागरूक भारत

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रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'   धर्मान्धता संक्रामक रोग है , मतान्धता विष है , जातिवाद पागलपन है , क्षेत्रीयतावाद राष्ट्र की जड...
Wednesday, July 15, 2009

भावना का फल

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भावना का फल रामेश्वर काम्बोज ‘ हिमांशु ’ अँधेरी रात थी । हाथ को हाथ नहीं सूझता था ।एक बूढ़ा साधु गाँव में पहुँचा । वह थककर चूर हो चुका ...
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ऊँटों का बटवारा

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ऊँटों का बटवारा रामेश्वर काम्बोज ‘ हिमांशु ’ गाँव में एक ज़मीदार रहता था ।उसके तीन बेटे थे । मरते समय उसने अपने तीनों बेटों को पास बुला...
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Thursday, June 18, 2009

महत्त्वपूर्ण पत्रिकाएँ

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ड्रीम 2007 एक अंक : 5 रुपए सम्पादक :डॉ वी बी काम्बले हिन्दी और अंग्रेज़ी में प्रकाशित होने वाली विज्ञान की महत्त्वपूर्ण पत्रिका ह...
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Wednesday, June 3, 2009

पुस्तक समीक्षा

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मास्टर जी ने कहा था :कमल चोपड़ा ए आर एस पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स 1362, कश्मीरी गेट , दिल्ली – 110 006 ––––––––––––––...
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Monday, June 1, 2009

हर कदम परीक्षा

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कमल चोपड़ा ––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––– काम की तलाश में इधर–उधर धक्के खाने के बाद निराश होकर मधुकांत घर लौटने लगा तो पीछे से आ...
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Friday, May 15, 2009

परिचय:श्याम सुन्दर अग्रवाल

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जन्म: 8 फरवरी 1950 को कोट कपूरा (पंजाब) में। शिक्षा: बी.ए. लेखन: लघुकथा, बालकथा व कविता (पंजाबी एवं हिंदी में) प्रकाशित कृतियां: मौलिक ‘नंगे...

नहीं व्यर्थ बहाओ पानी

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श्याम सुन्दर अग्रवाल सदा हमें समझाए नानी, नहीं व्यर्थ बहाओ पानी । हुआ समाप्त अगर धरा से, मिट जायेगी ये ज़िंदगानी । नहीं उगेगा दाना-दुनका, ह...

चिड़िया

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श्याम सुन्दर अग्रवाल सुबह-सवेरे आती चिड़िया, आकर मुझे जगाती चिड़िया । ऊपर बैठ मुंडेर पर, चीं-चीं, चूँ-चूँ गाती चिड़िया । जाना है,नहीं स्कूल ...

चिड़िया और बच्चा

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श्याम सुन्दर अग्रवाल फर-फर करती आई चिड़िया, चोंच में तिनका लाई चिड़िया। जगह सुरक्षित उस को रख गई, नीड़ बनाने में वह लग गई । एक-एक तिनका खूब ...

मदन का भाई नन्दू

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कमल चोपड़ा मदन बैलगाड़ी चलाता था। क्योंकि उसके पास नन्दू नाम का एक ही बैल था इसलिए उसने अपनी गाड़ी को थोड़ा छोटा और इस तरीके का बनवा लिया थ...
Wednesday, May 13, 2009

चिन्तन के क्षण

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                                      चिन्तन के क्षण   प्रसन्न निराशा भले ही कुछ भी हो़ , लेकिन कोई धर्म नहीं है।सदा मुस्कराते हुए ...
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