पतंग
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सपना मांगलिक
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Monday, June 1, 2015
दो कविताएँ
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1-जल सपना मांगलिक जल जीवन है,जल ही धन है जल बिन धरती उजड़ा वन है जहाँ देखो व हाँ जल की माया बिन जल असंभव अन्न ,पेड़, छाया ...
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