पतंग

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Wednesday, November 2, 2011

कच्चे साँचे -पक्के साँचे

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दीपावली के दिन  फुलझड़ी पटाखे तो छोड़ने के लिए मिले ही । इससे बढ़कर मिहिर और मयंक को मिल गए साँचों के साथ क्ले और रंग भी । फिर नींद आती भी...
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